टीकमगढ़

जतारा :- जनप्रतिनिधि के संरक्षण में चल रहा अस्पताल, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान,

बालकिशन प्रजापति एमपीसीजी एक्सप्रेस न्यूज

स्वास्थ्य केंद्र की बिगड़ी व्यवस्थाएं बड़ागांव से चल रहा जतारा अस्पताल,जनप्रतिनिधि के संरक्षण में चल रहा अस्पताल,अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान,

जतारा :- आयुक्त के आदेश को भी किया दरकिनार नियम विरुद्ध तरीके से नियुक्त हुए बीएमओ जतारा, स्वास्थ्य केंद्र का भवन भले ही करोड़ों की लागत से बन गया हो और यहां पर बीमार लोगों को अच्छे इंतजामों के दावे भी किए जाते रहे हो लेकिन यहां की हकीकत यह है कि मरीजों को अब इलाज मिलना मुश्किल का काम हो गया है और बीमार लोग अस्पताल से बिना इलाज बेरंग ही लौट रहे है इसका मुख्य कारण हैं यहां चिकित्सको का अभाव पिछले दिनों टीकमगढ़ से कई विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी जतारा स्वास्थ्य केंद्र में लगाई गई थी लेकिन आज तक जिला अस्पताल से कोई भी डॉक्टर यहां कभी नहीं आया और तो और बीएमओ प्रशांत जैन भी स्वास्थ्य केन्द्र में हफ्ते में बस एक दो दिन के लिए ही आते हैं, खबर यह भी है कि जतारा में पदस्थ बीएमओ प्रशांत जैन जतारा स्वास्थ्य केंद्र में लगे वाहन से बड़ागांव भी आते जाते है जबकि नियमानुसार वाहन का उसी क्षेत्र में उपयोग किया जा सकता है जिस स्वास्थ्य केंद्र के लिए वह लगाया गया हो, बॉक्स 2 डॉक्टरों के भरोसे हजारों लोग जतारा स्वास्थ्य केंद्र नगर एवं आसपास के कई ग्रामों के बीमार लोगों के लिए एक अदद सहारा हैं जहां न केवल गरीब बल्कि हर इंसान इलाज के लिए आता है ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र में दो चिकित्सक नियुक्त है उनमें वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुरेश शर्मा,डॉ प्रज्ञा खरे ही परमानेंट रूप से इलाज करते है तो वही चंदेरा स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर छबील गुप्ता डॉक्टर संजय कुशवाहा भी हफ्ते में तीन दिन यहां अपनी सेवाएं यहां दे रहे है लेकिन लोगों का यही कहना है कि जब भी अस्पताल जाओ तो उन्हें कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिलता जबकि प्राइबेट तौर पर घर पर इलाज तुरन्त कर दिया जाता है, मामला जो भी हो इतने बड़े अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति किया जाना अब आवश्यक हो गया है जिससे लोगों को समय पर इलाज मिल सके। बॉक्स 2 संविदा पर नियुक्त डॉ बने बीएमओ, स्वास्थ्य विभाग मध्य प्रदेश के सबसे बड़े अधिकारी डॉक्टर सुदाम खांडे जो स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त हैं, उन्होंने 24 मार्च 2022 को एक आदेश जारी करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को यह निर्देश दिए थे कि संविदा चिकित्सकों को प्रशासकीय पदों का प्रभार नहीं सौंपा जाए इसमें मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी को भी स्वास्थ्य केंद्र का प्रभार ना देने की बात कही गई थी, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि टीकमगढ़ जिले की मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अपने सबसे बड़े अधिकारी की बात को दरकिनार करते हुए यहां पर डॉक्टर प्रशांत जैन को ब्लॉक मेडिकल अधिकारी के पद पर नियुक्त कर दिया आलम यह है कि डॉक्टर प्रशांत जैन के स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद ना रहने से यहां की पूरी व्यवस्थाये बिगड़ गई है और न केवल मरीज बल्कि कर्मचारी भी खासे परेशान नजर आ रहे है। बॉक्स 3 लंबे समय से नही हैं एंटी रैबीज स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं का भी टोटा नजर आ रहा है यहां पर पिछले दिनों जहां टिटनेस के इंजेक्शन नहीं मिल रही थे तो वहीं लंबे समय से एंटी रेबीज के भी इंजेक्शन अस्पताल में नहीं है अब लोगों को बाहर से महंगे दामों में खरीद कर यह इंजेक्शन लगवाने पड़ रही है बताया गया कि यहां से मांग भेज दी गई है लेकिन जिले से दबाए नहीं भेजी जा रही है जिस कारण अस्पताल में एंटी रेबीज उपलब्ध नहीं है मामला जो भी हो लेकिन लोग दवाओं के लिए परेशान नजर आ रहे हैं।

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