छतरपुर

नोएडा की कंपनी ने मजदूरों को बना रखा था बंधक गौतमबुद्ध नगर के कलेक्टर ने मुक्त कराते हुए छतरपुर भेजा

MPCG EXPRESS NEWS

नोएडा की कंपनी ने मजदूरों को बना रखा था बंधक
गौतमबुद्ध नगर के कलेक्टर ने मुक्त कराते हुए छतरपुर भेजा

छतरपुर :- बुन्देलखण्ड से मजदूरी के लिए महानगरों में जाने वाले श्रमिकों को किस तरह से प्रताडऩा और जुल्म झेलने पड़ते हैं इसको साबित करता हुआ एक बड़ा मामला सामने आया है। छतरपुर एवं दमोह जिले के 41 श्रमिकों को रविवार के दिन उप्र पुलिस के माध्यम से छतरपुर लाया गया। महिलाओं और बच्चों के साथ छतरपुर पहुंचे इस जत्थे ने बताया कि उन्हें गौतमबुद्ध नगर के नोएडा की एक कंपनी ने एक महीने से बंधक बना रखा था। किसी तरह जब कलेक्टर तक मामले की शिकायत पहुंचाई तब उन्हें रेस्क्यू कराया गया। बहरहाल छतरपुर जिला प्रशासन के श्रम विभाग ने जिले के श्रमिकों को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर उनका मेडिकल चेकअप कराया और उन्हें गांव तक पहुंचाया।
श्रमिकों ने बताई अपनी व्यथा

छतरपुर जिले के ग्राम धरमपुरा निवासी धर्मेन्द्र अहिरवार ने बताया कि महिलाओं, बच्चों सहित उसके गांव के 27 मजदूर दिल्ली के एक ठेकेदार के द्वारा निर्माण कार्य हेतु नोएडा की मायसेम कंपनी में लगाए गए थे। मजदूरी पर लगाते वक्त तय हुआ था कि हर 8 दिन में खर्च दिया जाएगा और एक महीने में पूरा हिसाब करेंगे। लेकिन कंपनी ने ढाई महीने में सिर्फ एक बार खर्च के लिए पैसा दिया और पूरा पैसा देने में आनाकानी करने लगे। मजदूरों ने इसका विरोध किया तो उन्हें कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी निगरानी में कंपनी के निर्माण क्षेत्र में ही मौजूद  झुग्गियों में कैद कर दिया। सिर्फ एक व्यक्ति को बाहर निकलने की इजाजत दी जाती थी जो खाने का सामान लेकर आता था। पैसा न होने के कारण विपरीत परिस्थितियों में ये लोग लगभग एक माह तक फंसे रहे। एक महिला गीता अहिरवार ने बताया कि बच्चों और महिलाओं को भी बाहर निकलने से मना किया जाता था। किसी तरह हमें एक हेल्पलाइन नंबर मिला जिस पर फोन लगाने के बाद श्रम विभाग के कर्मचारी और पुलिस ने हमें इस कंपनी से मुक्त कराया फिर उप्र पुलिस के माध्यम से हमें सुरक्षित घर भेजा गया।

इनका कहना-

इस जत्थे में कुल 41 मजदूर हैं जिसमें से 35 छतरपुर जिले के हैं जबकि 6 दमोह के हैं। छतरपुर जिले के सभी मजदूरों का मेडिकल चेकअप कराने के बाद उन्हें गांव भेजा जाएगा। उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम दिलाने की कोशिश की जाएगी।
धर्मेन्द्र नरवरिया, लेवर इंस्पेक्टर, छतरपुर

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