टीकमगढ़

सिटी हाॅस्पीटल फिर विवादों में

एम.ए.खानअफसर एमपीसीजी एक्सप्रेस न्यूज़

सिटी हॉस्पीटल फिर विवादों                               

मरीजों के परिजनों समेत मासूम की लात घूसों से मारपीट

नियम विरुद्ध है सिटी हॉस्पीटल

टीकमगढ़ :- इन दिनों सिटी हाॅस्पीटल काफी सुर्खियों में है जो विवादों का पर्याय बन चुका है इस बार सिटी हाॅस्पीटल के डाॅ. सीपी सिंह समेत निजी स्टाॅफ पर गाली, गलौज एवं मारपीट का आरोप लगा है।

घटना की जानकारी देते हुए ग्राम अमोरा खेरा थाना महरौनी जिला ललितपुर उ.प्र. निवासी जगतराम यादव पुत्र सीताराम यादव ने बताया कि उनकी पत्नी का आॅपरेशन होना था जिसके इलाज के लिए डाॅ. सीपी सिंह के सिटी हाॅस्पीटल में भर्ती कराया गया यहां उन्होंने आॅपरेशन कराने के लिए 14 हजार रूपये जमा कराये। पीड़ित जगतराम यादव ने बताया कि आॅपरेशन के बाद आज उसकी पत्नी की छुट्टी हो रही थी तो डिस्चार्ज पर्चा बनाया गया, इस पर डाॅ. सीपी सिंह ने मरीज के लिए दवायें लिखी, दवायें लेने जब सिंटी हाॅस्पीटल के गेट पर मौजूद मेडीकल पर पहुंचा तो मेडीकल वाले ने 35 सौ रूपये खर्च बताया, इसको सुनकर वापिस आ गया तदुपरांत चैराहे पर मौजूद एक अन्य मेडीकल पर वहीं दवाएं पूंछी गई तो 27 सौ रूपये बताई गई, यह सुनकर जगतराम यादव वापिस आया और कहा कि वहां तो यह दवायें 27 सौ रूपये की मिल रहीं है इस पर आव देखा न ताव सीधे मारपीट करने लगे। विवाद सुनकर डाॅ.सीपी सिंह मैके पर पहुंचे तो पीड़ित ने कहा कि आपकी हाॅस्पीटल में ऐसे ही मारपीट करते है तो डाक्टर सीपी सिहं सहित आधा दर्जन स्टाॅफ ने गली गलौच करते हुए जूता, चप्पलों से लगातार मारपीट करते रहे, पीड़ित जगतराम ने बताया उसकी मारपीट करते समय मासूम बच्चा जमीन पर गिर गया, उसकी सांस बचाने आई तो उसे भी मारने लगे। बच्चे को लातों से मारा है बहरहाल घटना को रोते बिलखते हुए जगतराम अपनी पत्नी, मासूम बच्चे और सांस को लेकर कोतवाली रिपोर्ट दर्ज कराने की कह कर चला गया। इस संबंध में सिटी हास्पीटल कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है।डाॅक्टर भगवान का रूप होता है ये पंक्तियां सिर्फ सुनने में अब अच्छी लगती है मजबूरी के साथ डरा कराकर रुपयों की बसूली खुलेआम की जा रही है शर्मसार करने वाली इस घटना ने एक बार फिर सिटी हाॅस्पीटल की पोल खोल कर रख दी है। पहले भी सिटी हाॅस्पीटल पर गंभीर आरोप लग चुके है जहां इलाज के अभाव में एक महिला की 21 अक्टूबर को मौत हो चुकी है।

नियम विरूद्ध है सिटी हाॅस्पीटल
सिटी हाॅस्पीटल जिस विल्डिंग में संचालित है वो रहवासी है नियम, मापदण्ड, दायरा और दायित्वों को दरकिनार कर संचालित सिटी हाॅस्पीटल पर स्वास्थ्य विभाग इतना मेहरवान क्यों है चैकाने वाली बात ये है कि इसी बिल्डिंग में श्रीराम हाॅस्पीटल संचालित था जिसे नियमों का हवाला देकर तत्कालीन सीएमएचओ श्रीमति वर्षा राय बंद करा चुकी है और उसी बिल्डिंग में सिटी हाॅस्पीटल संचालित है जिस पर स्वास्थ्य अमला की परमीशन है लगता है दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली जान पड़ती है।

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