राजनैतिक

शिवराज – महाराज की प्रतिष्ठा दांव पर, उपचुनाव लक्ष्य

रविशंकर पाठक के साथ मुकेश चतुर्वेदी एमपीसीजी एक्सप्रेस न्यूज़

शिवराज-महाराज की प्रतिष्ठा दांव पर, उपचुनाव लक्ष्य
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने संभाली खुद बागडोर

सतना :- शिवराज और महाराज की एक साथ मौजूदगी उपचुनाव में कितनी सफलता हासिल करेगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। खरीद फरोख्त के ब्रह्मास्त्र को साधकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर सबको चौकाते हुए सत्ता का सिंहासन हासिल कर लिया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों कोरोनावायरस महामारी के बिगड़ते हालातों के साथ साथ अपने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर खासा परेशान हैं महत्वपूर्ण पद पर होने के कारण तमाम रुठों को मनाने का काम वैसे भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बेहतर तरीके से जानते हैं भाजपा के शीर्ष नेताओं ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करते हुए कांग्रेस के सबसे करीबी रहे सिंधिया परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने पाले में सहजता से मिला मिला लिया है।

भाजपा सरकार को सत्ता के सिंहासन पर बनाए रखने के लिए आगामी दिनों में होने वाले 24 विधानसभाओं के उपचुनाव में भाजपा को अधिक से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करनी ही होगी। ग्वालियर और चंबल संभाग की 24 सीटों पर उपचुनाव भाजपा सरकार को करवाने है भाजपा सरकार को मध्य प्रदेश में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए 10-15 सीटों पर चुनावी जीत दर्ज करानी होगी, राजनैतिक पंडितों की मानें तो कोरोनावायरस महामारी के बीच जिस तरह से भाजपा के बेलगाम केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराने की रणनीति अपनाई और सिंहासन को हासिल कर लिया।

शिवराज और महाराज की जोड़ी एक साथ भाजपा में जरुर आ गई है पर इन संबंधों के बीच मधुरता और अपनापन महसूस नहीं होता है भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने पाले में लाने का काम मुकम्मल किया गया है मध्य प्रदेश की भाजपा में बहुत से ऐसे छोटे और बड़े नेताओं की फौज मौजूद है वह महाराज को लिए जाने के निर्णय को सरासर ग़लत मानते हैं ग्वालियर और चंबल संभाग के 22 बागी कांग्रेसी विधायकों ने अपने दल को नजरंदाज कर महाराज की शरण में पहुंच गए।

एक दिन पहले सभी 22 बागी कांग्रेसी विधायकों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान विस्तारित होने वाले मंत्रिमंडल में जगह पक्की करने का आग्रह विधायकों ने किया है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close