उत्तराखंडछतरपुरलाइफस्टाइल

साउथ इंडियन व गढवाली फिल्मों में भी काम करना चाहती है आयुषी, मसूरी का किया नाम रोशन

आयुषी यशवर्धन ने अपनी कड़ी मेहनत से किया यह मुकाम हासिल

Story Highlights

  • अप्रैल में चाइना में होने वाली एशियन अवार्ड सौदर्य प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी आयुषी

मसूरी। मसूरी की बेटी आयुषी यशवर्धन आगामी अप्रैल में चाइना में होने वाली एशियन अवार्ड सौदर्य प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इससे पूर्व गत नवंबर में दिल्ली में आयोजित मिस इंडिया ओसियन सौदर्य प्रतियोगिता में उन्होंने फाइनल राउंड में टाॅप 20 में स्थान बनाने के साथ ही खिताब अपने नाम किया था।

झड़ीपानी निवासी सुदेशचंद यशवर्धन की बेटी आयुषी यशवर्धन ने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया जिसका उसने सपना देखा था, साथ ही उसने यह साबित कर दिया कि अगर कोई लक्ष्य बना ले तो उसे मेहनत से हासिल किया जा सकता है। आयुषी ने भी कड़ी मेहनत की व रास्ते में आने वाली बाधाओं को पार करते हुए मुकाम हासिल किया। जबकि वह सामान्य परिवार की बेटी है, उसके पिता सुदेशचद मसूरी झड़ीपानी स्थित रेलवेे के ओकग्रोव स्कूल में कार्यरत है तथा माता रानी देवी गृहणी है। उनकी शिक्षा बार्लोंगंज स्थित हिंदी माध्यम के विद्यालय निर्मला स्कूल मे हुई वहां से वर्ष 2011 में इंटर करने के बाद एमपीजी कालेज मसूरी से बीए किया व अंग्रेजी साहित्य एमए किया। उसके बाद उन्होंने दिल्ली जाकर अपने कैरियर को चुना व माॅडलिंग के क्षेत्र में गई तथा कई कंपनियों के पोटरेट शूट किए व माॅडलिंग की। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा व बरेली में हुए फैशन में टाॅपर रही इस दो दिवसीय शो में देशभर के माॅडलों ने प्रतिभाग किया व शो में प्रतिभागियों ने 40 डिजाइनरों के परिधान पहनकर रैंप पर वाॅक किया। इस प्रतियोगिता में आयुषी ने मुकेश दुबे व एली शर्मा के परिधान पहन कर रैंप पर वाॅक किया। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व वह मिस इंडिया ओसियन का खिताब जीत चुकी है।

आयुषी ने बताया कि उनका सपना बचपन से ही माॅडलिंग करने का था तथा यह भी सपना था कि वह मिस इंडिया में भारत का प्रतिनिधित्व करें जो अब पूरा होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब वह ग्लोबल इंडिया इंटरटेनमेंट प्रोडक्शन के बैनर तले चाइना में होने वाली एशियन अवार्ड प्रतियोगिता में जा रही है। उन्होंने बताया कि विगत 24नवंबर को दिल्ली में आयोजित मिस इंडिया ओसियन प्रतियोगिता में देशभर के 172 प्रतिभागियों ने भाग लिया था जिसमें उन्होंने फाइनल राउंड में टाॅप 20 में स्थान बनाया व खिताब भी हासिल किया। उन्होंने यह भी कहा कि मेरे माता व पिता ने मुझे पूरा सहयोग किया जिनकी बदौलत यहां तक पहुंच पाई हूं। उनकी इस उपलब्धि पर उनके पिता सुदेशचंद्र व माता रानी देवी का कहना है कि उन्होंने आयुषी के माध्यम से नई पहचान दिलाई है। तथा मसूरी के साथ देश का नाम रौशन किया है। आयुषी ने कहा कि साउथ इंडियन फिल्मों के साथ गढवाली फिल्मों में भी काम करना चाहती है।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close